एक ख़याल है , जाने कब तक परवाज चढ़े, एक जूनून है , जाने कब तक रगों में दौड़े...
Shayaris
रिश्ते है इसलिए चुप है चुप है इसलिए रिश्ते है।।
सर पर चढ़कर बोल रहे हैं, पौधे जैसे लोग, पेड़ बने खामोश खड़े हैं, कैसे-कैसे लोग....
प्यार एक नशा है जिसका पहले उतर गया वो बेवफा है।।
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