Saturday, November 29, 2025

 Two Liners


हमने गुज़ार दी है फकीरी में जिंदगी ,,

लेकिन कभी ज़मीर का सौदा नहीं किया..

दिल को जला के दी है ज़माने को रौशनी ,
जुगनू पकडके हमने उजाला नहीं किया।
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1 rupaiya Aur tan ke kapade
1000 roopaiya

बेर कैसे थे, ये शबरी से पूछो,
श्रीराम से पूछोगे तो मीठे ही कहेंगे।
ज़हर का स्वाद शिव से पूछो,
मीरा से पूछोगे तो अमृत ही कहेगी
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एक ही शख्स था जो समझता था मुझे,
फिर यूं हुआ वो भी समझदार हो गया।
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इसी से जान गया मैं कि बख़्त ढलने लगे
मैं थक के छाँव में बैठा तो पेड़ चलने लगे

मैं दे रहा था सहारे तो इक हुजूम में था
जो गिर पड़ा तो सभी रास्ता बदलने लगे
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Na Jane Kia Mujh Se ZAMANA Chahta Hai
Mera Dil Tor K Mujhay Hansana Chahta Hai
Na Jane Kya Bat Jhalakti Hai Mera Chahre Se
Har Shakhs Mujhe AZMANA chahata hai
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कुछ लोग जिंदगी होते हैं
मगर जिंदगी में नहीं होते

दुआ करना ऐसे ही मेरा दम निकले,
जितनी आसानी से तेरे दिल से हम निकले.

सुना है तुम्हे मोहब्बत करनी नहीं आती
मगर तुम बर्बाद कमाल के करते हो।

मोहब्बत बड़ी नामुराद चीज है
जिससे होती है वो किसी और का होता है।।

बनाकर अपना कुछ लोग
फिर खूब तमाशा बनाते हैं

यू ही गिरते गिरते एक दिन संभल जायेंगे
हम बदला नही लेंगे बस बदल जायेंगे

मैं हो तो जाऊं पहले जैसा
मगर मुझे याद नहीं मैं था कैसा.

वो मेरे घर नहीं आता मैं उस के घर नहीं जाता
मगर इन एहतियातों से तअ'ल्लुक़ मर नहीं जाता
खुले थे शहर में सौ दर मगर इक हद के अंदर ही
कहाँ जाता अगर मैं लौट के फिर घर नहीं जाता

i dont know how to thank you because i am not used to people caring for me but I am so lucky to have you in my life
Good friends are hard to find and impossible to forget

इंसान ना हंसकर सीखता हैं
ना रोकर सीखता हैं
या तो किसी का होकर सीखता हैं
य़ा किसी को खोकर सीखता हैं.

कौन आएगा यहाँ, कोई ना आया होगा
मेरा दरवाज़ा हवाओं ने हिलाया होगा
धूप में जलकर जो मेरे साथ आया होगा,
वो कोई और नहीं मेरा साया होगा।
यह जो दीवार पर हैं कुछ नक्श धुंधले धुंधले
उसने मेरा नाम लिख लिख कर मिटाया होगा।

हम तो दुश्मन को भी पाकीजा सजा देते हैं,
हाथ उठाते नहीं, नजरों से गिरा देते है।

अगर दिल में रखो, तो दिल से रखो...
वर्ना दिल रखने के लिये, दिल ना रखो।

जिंदगी और भी आसान हो जाती,
अगर वक़्त से पहले लोगों की पहचान हो जाती !!

वो मतलब से मिलता था
और मुझे  मिलने से मतलब था।

we judge others by their actions and we judge ourselves by intentions?

उम्र गुजरी है मांजते हैं खुद को
साफ हैं पर, चमक नहीं पाए।
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किया बादलों में सफ़र, ज़िन्दगी भर
ज़मीं पर बनाया ना घर, ज़िन्दगी भर
मोहब्बत रही चार दिन ज़िन्दगी में
रहा चार दिन का असर, ज़िन्दगी भर
- Anwar Shaoor

मंज़िलें लाख कठिन आएँ गुज़र जाऊँगा
हौसला हार के बैठूँगा तो मर जाऊँगा
चल रहे थे जो मेरे साथ कहाँ हैं वो लोग
जो ये कहते थे कि रस्ते में बिखर जाऊँगा
Saki Amrohi

जहाँ तक मुझसे मतलब है जहाँ को
वही तक मुझको पूछा जा रहा है
ज़माने पर भरोसा करने वालों
भरोसे का ज़माना जा रहा है
- Naeem Akhtar Khadimi

हमारा मसला यह है मजाक किससे करें
पुराना दोस्त तो अब एहतराम मांगता है।

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